बिलासपुर।सरकारी दफ्तरों में लालफीताशाही, काम में लेटलतीफी और फाइलों के रहस्यमयी तरीके से 'गुम' होने के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे। लेकिन न्यायधानी बिलासपुर से एक ऐसा 'अजब-गजब' मामला सामने आया है, जिसने सरकारी सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। यहां एक युवक ने दफ्तर में जाकर महिला अफसर की टेबल पर 'बादाम' उड़ेल दिए और तंज कसते हुए कहा- "इसे खाइए, शायद आपको याद आ जाए कि मेरी फाइल कहां रखी है।" इस अनोखे और व्यंग्यात्मक विरोध का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं, इस घटना से भड़कीं महिला अफसर अपने पति के साथ शिकायत लेकर सीधे थाने पहुंच गई हैं।

क्या है 'बादाम' वाला पूरा विवाद?

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड (Housing Board) के बिलासपुर कार्यालय से जुड़ा है। तरुण साहू नाम के एक युवक ने करीब एक साल पहले ईडब्ल्यूएस (EWS) फ्लैट खरीदा था। रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, तरुण ने फ्लैट के नामांतरण (Mutation) के लिए सभी जरूरी दस्तावेज विभाग में जमा कर दिए थे। दफ्तर के बाबू और अधिकारियों ने उसे भरोसा दिलाया था कि 1 से 2 महीने के भीतर नामांतरण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। लेकिन, सरकारी वादे खोखले निकले।

नामांतरण हो गया है, पर फाइल नहीं मिल रही"

युवक तरुण साहू का आरोप है कि सात महीने से ज्यादा का वक्त बीत जाने के बाद भी उसका काम नहीं हुआ। वह लगातार दफ्तर के चक्कर काटता रहा। जब हद हो गई और उसने कड़ाई से दफ्तर में पूछताछ की, तो संपदा अधिकारी ने उसे एक ऐसा बेतुका जवाब दिया जिसे सुनकर उसके होश उड़ गए। अधिकारी ने कहा कि नामांतरण तो हो चुका है, लेकिन "फाइल गुम हो गई है, मिल नहीं रही है।" इसी बात से झल्लाए तरुण ने दफ्तर में जाकर संपदा अधिकारी की मेज पर बादाम रख दिए और कहा कि इसे खाने से शायद याददाश्त तेज हो जाए और फाइल मिल जाए।

भड़कीं महिला अफसर, पति संग पहुंचीं थाने

बादाम वाला वीडियो वायरल होने और दफ्तर में हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद संपदा अधिकारी पूनम बंजारे भी चुप नहीं बैठीं। वे अपने पति विनय जांगड़े के साथ सीधे पुलिस थाने पहुंच गईं और युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस को दी गई शिकायत में अधिकारी पूनम बंजारे ने अपनी दलील देते हुए कहा है कि शुरुआत में युवक द्वारा दिए गए दस्तावेज अधूरे थे, जिसके कारण प्रक्रिया रुक गई थी। बाद में जब दस्तावेज पूरे हुए तो युवक को सूचना दी गई, लेकिन वह तय समय पर कार्यालय नहीं आया। मैडम का आरोप है कि बाद में उसने दफ्तर आकर अनर्गल और बदतमीजी से बातें कीं। साथ ही, झूठी शिकायत करने और वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी।

डिप्टी कमिश्नर ने दोनों पक्षों को किया तलब

इस अजीबोगरीब और वायरल मामले ने हाउसिंग बोर्ड के आला अधिकारियों की भी नींद उड़ा दी है। इस पूरे विवाद पर हाउसिंग बोर्ड बिलासपुर के डिप्टी कमिश्नर एस.के. शर्मा ने कहा है कि, *"इस मामले में मैं अभी तत्काल कोई टिप्पणी नहीं दे पाऊंगा। मैंने घटना की जानकारी मिलने के बाद दोनों पक्षों (युवक और संपदा अधिकारी) को अपने कार्यालय में बुलाया है। दोनों पक्षों की बात विस्तार से सुनने और तथ्यों की जांच करने के बाद ही आगे का कोई निर्णय लिया जाएगा।