सरगुजा में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर से सवाल उठ खड़े हुए हैं। अंबिकापुर के कार्मेल कान्वेंट स्कूल, ओरिएंटल पब्लिक स्कूल और न्यू डीपीएस स्कूल को मनमानी फीस बढ़ोतरी और किताबों में मोनोपली के चलते जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) दिनेश कुमार झा ने नोटिस जारी किया है। इन स्कूलों को दो दिनों में जवाब देने का निर्देश दिया गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो स्कूलों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

हाल ही में DEO ने इन स्कूलों के खिलाफ शिकायतों के बाद जांच का आदेश दिया। जांच में पता चला कि स्कूलों में पढ़ाई के लिए एनसीआरटी की किताबों के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें पढ़ाई जा रही हैं। एक ही दुकान से किताबें खरीदने का नियम बनाया गया है, जिससे अभिभावकों का शोषण हो रहा है।
DEO ने बताया कि शिकायतें मिलने के बाद स्कूलों की जांच की गई। जांच के दौरान पता चला कि कार्मेल स्कूल में पहली से आठवीं तक के बच्चों को महंगी किताबें पढ़ाई जा रही हैं। इसके अलावा, ओपीएस में भी यही स्थिति है। यहां अभिभावकों ने बताया कि पिछले साल की तुलना में वार्षिक शुल्क में 13 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
यह कार्रवाई अंबिकापुर के तीन स्कूलों के खिलाफ की गई है। अंबिकापुर शहर में ये स्कूल प्रमुख माने जाते हैं और इनमें हजारों बच्चे पढ़ते हैं। DEO ने फिलहाल दो दिनों का वक्त तय किया है, जिसमें स्कूल संचालकों को जवाब देना है।
इस मामले में DEO दिनेश कुमार झा ने बताया कि यदि स्कूल संचालक संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो छात्रों से वसूली गई फीस की 50 प्रतिशत राशि बतौर जुर्माना स्कूलों पर लागू की जाएगी। यह कार्रवाई छात्रों के हक में की गई है।
DEO ने कहा कि यह कदम शिक्षा के अधिकार के तहत उठाया गया है। अभिभावक संघ ने भी इस पहल का स्वागत किया है। संघ के नेता नीलेश सिंह और धनंजय मिश्रा ने कहा कि यह एक सकारात्मक कदम है, जो स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाएगा।
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों की मनमानी के खिलाफ ये कार्रवाई समय की मांग है। एक अभिभावक ने कहा, "हम हर साल स्कूल फीस बढ़ने से परेशान हैं। अब हमें उम्मीद है कि प्रशासन हमारी आवाज सुनेगा।"

