
असम : असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान सोमवार को कांग्रेस के काफिले पर कथित हमले के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। समागुरी विधानसभा क्षेत्र के बारमा बाजार में काले झंडे दिखाने और नारेबाजी के बाद कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते काफिले पर पत्थरबाजी शुरू हो गई। कांग्रेस का आरोप है कि हमले में पूर्व मुख्यमंत्री एवं असम कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और पार्टी प्रत्याशी शिवामोनी बोरा की गाड़ियों को निशाना बनाया गया।
घटना शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है। उस समय कांग्रेस का काफिला बारमा में चुनावी सभा के लिए जा रहा था। काफिले में भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के अलावा धुबरी सांसद रकीबुल हुसैन, कांग्रेस प्रत्याशी शिवामोनी बोरा, विधायक और पार्टी के अन्य नेता-कार्यकर्ता भी मौजूद थे। इसी दौरान सड़क किनारे कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों में कहासुनी हुई और स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई।
पत्थरों से तोड़े शीशे, एआईसीसी सचिव को लगी चोट, कई कार्यकर्ता घायल
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, विवाद के बाद काफिले की गाड़ियों पर पत्थर फेंके गए। एक वाहन का शीशा टूट गया। वहीं एआईसीसी सचिव मनोज चौहान को चोट लगने की बात कांग्रेस ने कही है। पार्टी की ओर से यह भी दावा किया गया कि कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं। असम कांग्रेस ने घटना को लेकर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
बघेल की गाड़ी में एसिड की बोतल से हमला
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि उनके और गौरव गोगोई के वाहन को भी निशाना बनाया गया। बघेल के अनुसार, जिस कार में दोनों नेता सवार थे, उस पर कथित तौर पर एसिड की बोतल फेंकी गई। उन्होंने कहा कि कार के शीशे बंद होने के कारण बड़ा नुकसान टल गया। इन आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
सीआरपीएफ ने संभाला मोर्चा, लाठीचार्ज के बाद शांत हुआ माहौल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुँची। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर तैनात सीआरपीएफ जवानों पर भी पथराव हुआ। इसके बाद सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित किया। जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम के लिए भाजपा समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार को प्रभावित करने और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में डर पैदा करने के उद्देश्य से हमला किया गया। वहीं, घटना के वास्तविक कारण और हमले में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस जांच कर रही हैं।
बघेल ने साधा सीएम और चुनाव आयोग पर निशाना
घटना के बाद भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कानून-व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद चुनावी माहौल में कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। बघेल ने दावा किया कि हमले के बाद मोटरसाइकिल सवार लोगों ने काफिले का कुछ दूर तक पीछा भी किया।
असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने भी घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं के काफिले को निशाना बनाकर चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
नगांव उपचुनाव में मतदान 6 अक्टूबर को होना है और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। ऐसे में प्रचार अभियान के बीच हुई इस घटना ने चुनावी सियासत को और गर्म कर दिया है।
