
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में जलभराव की समस्या को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49) पर चक्काजाम करना प्रदर्शनकारियों को महंगा पड़ गया। करीब चार घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित रहने और यातायात प्रभावित होने के मामले में सिरगिट्टी थाना पुलिस ने पांच नामजद लोगों सहित अन्य ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीण नाराज थे। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण NH-49 पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह प्रदर्शन सुबह करीब 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलता रहा। प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दूर-दराज से आने-जाने वाले यात्रियों के अलावा स्थानीय लोगों को भी काफी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ा।
एंबुलेंस समेत जरूरी सेवाएं भी हुईं प्रभावित
हाईवे जाम होने का असर केवल सामान्य यातायात तक सीमित नहीं रहा। पुलिस के अनुसार, जाम में एंबुलेंस सहित कई आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन भी फंस गए, जिससे मरीजों और अन्य यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक यातायात बाधित रहने से हाईवे पर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
पुलिस ने समझाइश दी, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा
सूचना मिलने के बाद सिरगिट्टी थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर सड़क खाली करने और वैकल्पिक तरीके से अपनी मांग रखने की अपील की। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और तत्काल समाधान की मांग करते हुए सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। काफी मशक्कत और बातचीत के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
5 नामजद समेत अन्य ग्रामीणों पर केस दर्ज
घटना के बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की और उपलब्ध वीडियो फुटेज, पुलिस रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर पांच नामजद आरोपियों सहित अन्य ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने उनके खिलाफ सार्वजनिक मार्ग बाधित करने, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे साक्ष्यों के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की कही बात
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों को अपनी मांग रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध कर आम लोगों की आवाजाही बाधित करना कानून के दायरे में आता है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और कई बार शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं होने के कारण उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।