
जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) कर्मचारियों के लंबित मुद्दों को लेकर सदन का माहौल गरमा गया। नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और ‘समान काम के लिए समान वेतन’ की मांग को लेकर बीजेपी विधायकों ने विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लेकर विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच विधायकों और विधानसभा मार्शलों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। सदन में बढ़ते शोर-शराबे और अव्यवस्था के चलते विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
NHM कर्मचारियों के नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की मांग
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी विधायकों ने NHM के तहत काम कर रहे कर्मचारियों की समस्याओं को उठाया। विपक्ष का कहना था कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे इन कर्मचारियों की नियमितीकरण और समान काम के लिए समान वेतन की मांगों पर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। बीजेपी विधायकों ने इन मुद्दों पर सरकार से जवाब और कर्मचारियों के हित में कार्रवाई की मांग की।
वेल में उतरे विधायक, मार्शलों से हुई धक्का-मुक्की
NHM कर्मचारियों के मुद्दे पर विरोध जताते हुए बीजेपी विधायक तख्तियां लेकर सदन के वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विधानसभा मार्शलों ने हस्तक्षेप किया। इसी दौरान विधायकों और मार्शलों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। सदन में जारी हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई और अध्यक्ष को सदन स्थगित करना पड़ा।
बिजली दरों और दैनिक वेतनभोगियों का मुद्दा भी गूंजा
NHM कर्मचारियों के अलावा विपक्षी विधायकों ने बिजली दरों और दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी उठाया। बीजेपी ने इन मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगा और आरोप लगाया कि कर्मचारियों तथा आम जनता से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं हो रहा है। विपक्ष ने बिजली दरों में बढ़ोतरी और दैनिक वेतनभोगियों की लंबित मांगों पर भी सरकार को घेरा।
कर्मचारियों के मुद्दों पर सियासी टकराव
विधानसभा में हुए इस हंगामे ने NHM कर्मचारियों के नियमितीकरण, वेतन और दैनिक वेतनभोगियों की मांगों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल, सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद इन मुद्दों पर आगे की चर्चा और सरकार के रुख को लेकर नजरें बनी हुई हैं।