बिलासपुर : बिलासपुर में अब मकान, दुकान, कमरा या दूसरी कोई भी जगह किराए पर देना इतना आसान नहीं होगा। किराएदार रखने से पहले मकान मालिक को उसकी पूरी जानकारी संबंधित थाने में देनी होगी। इतना ही नहीं, पहले से किराए पर रह रहे लोगों का ब्योरा भी पुलिस को सौंपना होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले मकान मालिकों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने तक की कार्रवाई हो सकती है। एसएसपी की रिपोर्ट के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और किराए के मकानों की आड़ में चलने वाली आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाना है।

पहले दस्तावेज करें जमा, फिर रखे किराएदार

आदेश के अनुसार, मकान मालिकों को किराएदार का नाम-पता, मोबाइल नंबर, किरायानामा, आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र और जरूरी विवरण संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराने होंगे। यह जिम्मेदारी केवल नए किराएदार रखने वालों तक सीमित नहीं है। आदेश जारी होने से पहले से मकान, दुकान, हॉस्टल, पीजी या कमरों में रह रहे किराएदारों की जानकारी भी तत्काल पुलिस को देनी होगी।

पहचान पत्र बिना दिया किराए, तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

किसी भी व्यक्ति को वैध पहचान पत्र के बिना मकान या कमरा किराए पर नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं। किराएदार या उसके यहां आने-जाने वाले किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध नजर आने पर तत्काल नजदीकी थाने या पुलिस चौकी को सूचना देनी होगी। जानकारी छिपाने या आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

अब मकान मालिकों की जिम्मेदारी भी होगी तय

प्रशासन के इस आदेश के बाद किराए पर मकान, दुकान, कमरा या अन्य जगह देने वालों को दस्तावेज और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया को गंभीरता से लेना होगा। खासकर उन इलाकों में, जहां बड़ी संख्या में छात्र, मजदूर और दूसरे राज्यों से आए लोग किराए पर रहते हैं, वहां किराएदारों का रिकॉर्ड रखना महत्वपूर्ण होगा। आदेश का पालन नहीं करने पर मकान मालिकों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।