कोलकाता। Kolkata के भवानीपुर इलाके में चुनावी माहौल के बीच एक आश्रम में साधु-संतों के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले की घटना ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। वार्ड नंबर 70 स्थित पद्मपुकुर क्षेत्र के इस आश्रम में रहने वाले साधुओं को जबरन बाहर निकालने और उनके साथ मारपीट करने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद मामला राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है।

भवानीपुर से भाजपा उम्मीदवार Suvendu Adhikari ने इस घटना को लेकर सीधे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में समर्थकों ने आश्रम में पहुंचकर साधुओं को डराया-धमकाया, उनके मोबाइल छीन लिए और आश्रम की पानी-बिजली आपूर्ति बाधित कर दी। साधुओं ने भी आरोप लगाया कि वे धार्मिक गतिविधियों में लगे थे, तभी उनके साथ यह घटना हुई, जिससे उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है।

इस मुद्दे पर Suvendu Adhikari ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या भवानीपुर में सनातन धर्म का प्रचार करना अपराध बन गया है। उन्होंने राज्य सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक हैं।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से पार्षद असीम बसु ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की शिकायत पर वे मौके पर पहुंचे थे, जहां कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे, जिससे इलाके में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही थी। फिलहाल, यह मामला राजनीतिक बयानबाजी के बीच उलझता जा रहा है और प्रशासन की भूमिका पर भी नजरें टिकी हुई हैं।