
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजी-पीएससी) के पर्चा लीक और भर्ती गड़बड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपना दायरा और बड़ा कर दिया है। अब तक 2021 की परीक्षाओं की पड़ताल कर रही जांच एजेंसी ने 2020 में हुई आधा दर्जन से ज्यादा भर्तियों की फाइलें भी खोल दी हैं। जांच एजेंसी की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में दोनों साल की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की बारीकी से जांच करने की बात कही गई है।
तत्कालीन पीएससी चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के कार्यकाल में हुई भर्तियों पर अब पूरी तरह शिकंजा कसने लगा है। उनके समय में असिस्टेंट प्रोफेसर (एपी) समेत कई अन्य बड़ी भर्ती परीक्षाएं आयोजित कराई गई थीं, जो अब जांच की जद में आ चुकी हैं। इसी कड़ी में ईडी ने तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और उप नियंत्रक ललित गणवीर से भी पूछताछ की पूरी तैयारी कर ली है। इन अफसरों को जल्द ही तलब किया जाएगा।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में चेतन नाम के व्यक्ति के पैसों के लेन-देन के पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं। इसके अलावा कई चैट रिकॉर्ड और प्रत्यक्ष गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। इन्हीं सबूतों के आधार पर एजेंसी अन्य अफसरों और नेताओं की भूमिका को भी खंगाल रही है। उन तमाम लोगों के बयान जांचे जा रहे हैं जिनके नाम इस मामले में सामने आए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां भी देखने को मिल सकती हैं।
साल 2020 और 2021 के दौरान पीएससी ने व्यवहार न्यायाधीश (सिविल जज प्रवेश स्तर 2020), पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ परीक्षा 2020, राज्य सेवा परीक्षा, सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2019, नगर निवेशक, वन सेवा, सहायक वन संरक्षक और फॉरेस्ट रेंजर जैसे कई बड़े पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित कराई थीं। इनमें राज्य सेवा परीक्षा-2020 की प्रारंभिक परीक्षा 14 फरवरी 2021 को ली गई थी, जबकि इसकी मुख्य परीक्षा जुलाई 2021 में आयोजित हुई थी। इसी तरह राज्य अभियांत्रिकी सेवा परीक्षा 2020 और सहायक भू-रसायनज्ञ के पदों पर भी भर्तियां हुई थीं।
इन सभी परीक्षाओं में सामान्य अध्ययन, एप्टीट्यूड, भाषा, निबंध, विधि, इंजीनियरिंग, विज्ञान, कृषि, वानिकी और पद-विशेष विषयों के पेपर लिए गए थे। जिन उम्मीदवारों का चयन इन परीक्षाओं के जरिए हुआ था, उनकी भर्ती और पोस्टिंग भी पहले ही की जा चुकी है। अब चूंकि 2020 और 2021 की इन सभी परीक्षाओं की फाइलें फिर से खुल चुकी हैं, ऐसे में चयनित होकर नौकरी कर रहे अभ्यर्थियों की नियुक्तियों पर भी आंच आना तय माना जा रहा है।
जांच अधिकारी हर पहलू और हर दस्तावेज को बारीकी से खंगाल रहे हैं ताकि गड़बड़ी की पूरी परतें खुल सकें। ईडी की टीम अब तक मिले गवाहों और पैसों के लेन-देन के सबूतों का मिलान कर रही है। जिन नेताओं और बड़े अधिकारियों के नाम चैट रिकॉर्ड में मिले हैं, उनकी लिस्ट भी तैयार की जा रही है। पूर्व चेयरमैन के कार्यकाल में हुई हर उस परीक्षा की फाइल खंगाली जाएगी, जिसमें पेपर सेट करने से लेकर रिजल्ट जारी करने तक की प्रक्रिया अपनाई गई थी।
ईडी की इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। परीक्षा नियंत्रक से लेकर उप नियंत्रक स्तर के अधिकारियों को तलब किए जाने की खबर से पीएससी दफ्तर में भी बेचैनी है। जांच अधिकारियों का फोकस फिलहाल इस बात पर है कि पेपर लीक करने और चहेतों को पास कराने के एवज में जो रकम वसूली गई, वह पैसा किन-किन रास्तों से होकर किन नेताओं या बड़े अफसरों तक पहुंचा। गवाहों के बयान और चैट हिस्ट्री के आधार पर ईडी मामले में अपनी पकड़ और मजबूत करने में जुटी है।