
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बदलते मौसम के बीच स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को प्रदेश में 26 नए मरीज सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 205 हो गई है। इनमें 57 मरीज एक्टिव हैं, जबकि 44 संक्रमितों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी मरीज की हालत गंभीर होने की जानकारी नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रदेश में संक्रमण का सबसे ज्यादा असर रायपुर में देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को अकेले रायपुर में 12 नए मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा बिलासपुर में 6, दुर्ग में 4 और बालोद में 2 मरीज मिले हैं। जांजगीर-चांपा और महासमुंद में भी एक-एक नया मामला सामने आया है। लगातार बढ़ते आंकड़ों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच पर फोकस बढ़ाया है।
बारिश और मौसम में बदलाव के बीच बढ़े मामले
अगस्त में लगातार बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी देखी जा रही है। रायपुर जिले के नोडल अधिकारी डॉ. अविनाश चतुर्वेदी के मुताबिक, स्वाइन फ्लू इंफ्लुएंजा-ए के H1N1 वायरस से होने वाला संक्रमण है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने पर यह संक्रमण दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है।
इस बीमारी में आमतौर पर तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सर्दी और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। सामान्य मामलों में मरीज कुछ दिनों में ठीक हो सकता है, लेकिन बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में संक्रमण का असर अधिक समय तक रह सकता है।
रायपुर सबसे आगे, 89 मामलों की पुष्टि
प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा 89 मामले रायपुर जिले से सामने आए हैं। दुर्ग और बिलासपुर में 26-26, कोरबा में 11, रायगढ़ में 10 और धमतरी में 9 मरीज मिले हैं। महासमुंद और राजनांदगांव में 4-4, जबकि बालोद, बस्तर, बेमेतरा और जांजगीर-चांपा में 3-3 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा कांकेर, सूरजपुर और सरगुजा में 2-2 तथा बलौदाबाजार, दंतेवाड़ा, गरियाबंद, जशपुर, कोंडागांव, मनेंद्रगढ़, मोहला-मानपुर और सक्ती में एक-एक मरीज की पुष्टि हुई है।
13 मरीज होम आइसोलेशन में
वर्तमान में 44 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 13 संक्रमितों का इलाज होम आइसोलेशन में किया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती अधिकांश संक्रमित किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के चलते पहुंचे थे और जांच के दौरान उनमें H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई। लगातार बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि बुखार, खांसी, गले में दर्द या सांस संबंधी परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए। खासकर बुजुर्गों और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों में लक्षण दिखने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।