
रायपुर। छत्तीसगढ़ में यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों में निलंबित किए गए सीनियर आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी इन दिनों कश्मीर की वादियों में मजे से छुट्टियां मना रहे हैं। नियम के मुताबिक निलंबन के दौरान उन्हें बिना इजाजत पुलिस मुख्यालय नया रायपुर किसी भी हाल में नहीं छोड़ना था लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक नए वीडियो ने सारे सरकारी आदेशों की पोल खोल कर रख दी है। इस वीडियो में आईपीएस डांगी कश्मीर की वादियों में बेफिक्र होकर घूमते और एक फिल्मी गाने पर झूमते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद अब सरकार और सिस्टम पर बड़े और गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर एक दागी अफसर को इतनी भारी छूट किसने दी है।
सरकारी आदेशों की खुलेआम उड़ी धज्जियां
अभी कुछ ही दिन पहले राज्य शासन के गृह पुलिस विभाग ने कड़ा कदम उठाते हुए डांगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया था। उस निलंबन आदेश में यह बात बिल्कुल साफ शब्दों में लिखी गई थी कि इस पूरी अवधि के दौरान उनका मुख्यालय नया रायपुर रहेगा और सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वह अपना मुख्यालय बिल्कुल नहीं छोड़ सकेंगे। अब उनका यह कश्मीर का वीडियो वायरल होने के बाद हर तरफ यह सवाल उठ रहा है कि क्या सुशासन का दावा करने वाली प्रदेश सरकार ने उन्हें कश्मीर घूमने की विशेष अनुमति दी है या फिर वह सरकारी आदेशों को खुलेआम ठेंगा दिखाते हुए खुद ही सैर सपाटे पर निकल गए हैं। निलंबित होने के बाद भी उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिख रही है बल्कि वह गाने गाते हुए इन्जॉय कर रहे हैं।
जानिए क्या था पूरा मामला जिसने मचाई थी खलबली
रतनलाल डांगी 2003 बैच के एक रसूखदार आईपीएस अधिकारी हैं। पुलिस विभाग में उनकी गिनती काफी तेज तर्रार अधिकारियों में होती रही है और वह कई जिलों के एसपी भी रह चुके हैं। कुछ समय पहले पुलिस विभाग के ही एक सब इंस्पेक्टर की पत्नी ने डांगी पर यौन उत्पीड़न के बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़ित महिला का सीधा आरोप था कि डांगी ने साल 2017 से 2024 तक उसका लगातार शारीरिक और मानसिक शोषण किया। महिला ने यह भी बताया था कि उसके पति की पोस्टिंग के नाम पर उस पर लगातार दबाव डाला गया। इस मामले से जुड़ी कुछ बेहद आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। इसके बाद सरकार पर चौतरफा दबाव बढ़ा और आनन फानन में कार्रवाई की गई। पहले उन्हें आईजी के पद से हटाया गया और फिर सस्पेंड कर दिया गया। गृह विभाग ने तब माना था कि उनका आचरण पद के अनुरूप बिल्कुल नहीं है और इससे पुलिस विभाग की छवि को भारी नुकसान पहुंचा है।
क्लीन चिट की चर्चा और दोहरे रवैये पर उठते सवाल
इस बीच पुलिस महकमे से एक और चौंकाने वाली जानकारी छनकर सामने आ रही है कि विभाग इस गंभीर मामले में डांगी को क्लीन चिट देने की पूरी तैयारी में है। अगर सच में ऐसा होता है तो यह अपने आप में एक बहुत बड़ा सवाल है। इतने सारे साक्ष्य सबूतों और एक महिला के खुले आरोपों के बावजूद एक आईपीएस को कैसे और क्यों बचाया जा रहा है। सिस्टम के इस दोहरे रवैये का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ समय पहले एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश के आरोप लगाने मात्र से एक महिला डीएसपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। लेकिन जब बात एक रसूखदार सीनियर आईपीएस अधिकारी की आती है तो सारे नियम कायदे मानो अपनी सुविधा के हिसाब से बदल जाते हैं।
आखिर कौन है मददगार
वायरल वीडियो और क्लीन चिट की सुगबुगाहट के बाद अब पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों में बस एक ही सवाल गूंज रहा है कि आखिर आईपीएस डांगी की परदे के पीछे से मदद कौन कर रहा है। सस्पेंशन के बावजूद कश्मीर में फिल्मी गाने पर डांस करना यह साफ बताता है कि उन्हें किसी तरह की विभागीय कार्रवाई या सरकार का कोई डर नहीं है। अब पूरी जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद गृह विभाग कोई कड़ा नोटिस जारी करता है या फिर सुशासन के नाम पर यह सब कुछ यूं ही चलता रहेगा।




