
बलौदाबाजार। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने जिला बदर की कार्रवाई की है। जिला दंडाधिकारी ने कांग्रेस नेता एवं पूर्व ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष भागवत थवाईत, संतोष थवाईत और अशोक अंजान को एक वर्ष के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने का आदेश जारी किया है। यह आदेश पुलिस अधीक्षक गौरव राय की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर जारी किया गया। पुलिस के अनुसार, तीनों के खिलाफ अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब उन्हें निर्धारित अवधि तक जिले से बाहर रहना होगा।
कसडोल से कोतवाली तक दर्ज मामलों का हवाला, पुलिस ने भेजा था प्रतिवेदन
पुलिस के मुताबिक, जिला बदर किए गए तीनों व्यक्तियों के खिलाफ कसडोल थाना और सिटी कोतवाली क्षेत्र में विभिन्न आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। लगातार सामने आए मामलों को देखते हुए पुलिस ने उनके विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए जिला दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।
हत्या के प्रयास, मारपीट और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले
पुलिस के अनुसार, भागवत थवाईत, संतोष थवाईत और अशोक अंजान के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में करीब दर्जनभर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इन मामलों के आधार पर पुलिस ने जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला बदर की कार्रवाई का प्रस्ताव दिया था।
एक साल तक बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में प्रवेश पर रोक
पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर सुनवाई के बाद जिला दंडाधिकारी ने तीनों के खिलाफ जिला बदर का आदेश जारी किया। आदेश के तहत भागवत थवाईत, संतोष थवाईत और अशोक अंजान को एक वर्ष तक बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की सीमा से बाहर रहना होगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण की दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है। जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।