
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक निजी अस्पताल में कार्यरत 26 वर्षीय स्टाफ नर्स नेहा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करने का दावा किया है। शुरुआती तौर पर आत्महत्या प्रतीत हो रहे इस मामले में जांच के बाद पुलिस ने इसे कथित तौर पर सुनियोजित हत्या बताया है। पुलिस के अनुसार, मृतका के प्रेमी सुरेश ने अपने एक साथी फरहान के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों का अंतिम परीक्षण न्यायालय में सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर होगा।
शादी के दबाव को हत्या की वजह मान रही पुलिस
जांच अधिकारियों के अनुसार, नेहा और सुरेश के बीच पिछले करीब सात महीने से प्रेम संबंध थे। पूछताछ में सामने आया कि पिछले कुछ समय से नेहा कथित तौर पर सुरेश पर शादी करने का दबाव बना रही थी। पुलिस का कहना है कि सुरेश पहले से शादीशुदा है और उसका एक पांच वर्षीय बेटा भी है। जांच के अनुसार, इसी कारण वह कथित तौर पर इस रिश्ते से बाहर निकलना चाहता था और उसने हत्या की योजना बनाई।
बीमारी का बहाना, ड्रिप और फिर कथित जहर
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन नेहा ने अस्पताल पहुंचकर कमजोरी और तबीयत खराब होने की शिकायत की थी। इसी दौरान आरोपी ने इलाज के बहाने उसे ग्लूकोज की ड्रिप लगाने की पेशकश की। जांच में पुलिस का दावा है कि आरोपी ने कथित तौर पर ड्रिप में जहरीला पदार्थ मिला दिया। जब नेहा की हालत बिगड़ने लगी और वह अचेत हो गई, तब उसके साथ और भी गंभीर वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस का आरोप है कि बेहोशी की अवस्था में उसके मुंह में सल्फास की गोलियां भी डाली गईं, ताकि उसके बचने की संभावना समाप्त हो जाए। इन दावों की पुष्टि पुलिस द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर की जा रही है।
आत्महत्या दिखाने की कथित कोशिश
जांच एजेंसियों के अनुसार, वारदात के बाद पूरे मामले को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने खुद एक कथित सुसाइड नोट तैयार किया, जिसमें मृतका की ओर से पारिवारिक प्रताड़ना की बात लिखी गई थी। बाद में उसे मृतका के कपड़ों में छिपा दिया गया, ताकि जांच की दिशा भटकाई जा सके। हालांकि, पुलिस को घटनास्थल, मेडिकल साक्ष्यों और पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों में कई विरोधाभास मिले, जिसके बाद हत्या की आशंका मजबूत हुई।
यूट्यूब पर देखे क्राइम वीडियो
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मुख्य आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले कई दिनों से इंटरनेट और यूट्यूब पर अपराध से जुड़े वीडियो देख रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर ऐसे विषय खोजे थे, जिनमें हत्या के बाद पुलिस जांच से बचने और अपराध को आत्महत्या जैसा दिखाने से संबंधित सामग्री शामिल थी। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, इंटरनेट सर्च हिस्ट्री, चैट रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है, ताकि पूरी साजिश की समय-रेखा स्पष्ट की जा सके।
फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य बने अहम कड़ी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्य जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियां हैं। इन्हीं के आधार पर पूरी घटनाक्रम की पुष्टि की जा रही है। फिलहाल, दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि चार्जशीट में सभी वैज्ञानिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को शामिल किया जाएगा। मामले की अंतिम सच्चाई अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।