
जगदलपुर। बस्तर पुलिस विभाग की वेतन शाखा में करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। आरोप है कि पिछले 8 से 9 महीनों से ऑनलाइन वेतन भुगतान प्रणाली में हेराफेरी कर कुछ खातों में वास्तविक वेतन से कई गुना अधिक राशि ट्रांसफर की जा रही थी। यह गड़बड़ी तब सामने आई जब रायपुर से आई विशेष ऑडिट टीम ने वेतन भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और सॉफ्टवेयर की जांच के दौरान अनियमितताएं पकड़ीं। शुरुआती जांच में करीब 3 करोड़ 5 लाख रुपये से अधिक के गबन की आशंका जताई गई है। मामले में पुलिस ने वेतन शाखा के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
ऑडिट में खुली करोड़ों की गड़बड़ी
जानकारी के मुताबिक, विशेष ऑडिट के दौरान वेतन मद से जारी कुल राशि और कर्मचारियों के वास्तविक वेतन भुगतान का मिलान किया गया। जांच में दोनों आंकड़ों के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। इसके बाद भुगतान रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और वेतन सॉफ्टवेयर की जांच शुरू की गई, जिसमें करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ऑनलाइन वेतन ट्रांसफर के दौरान कुछ चुनिंदा बैंक खातों में निर्धारित वेतन से कई गुना अधिक रकम भेजी जा रही थी। आरोप है कि यह प्रक्रिया लंबे समय तक सुनियोजित तरीके से चलती रही, जिससे विभागीय स्तर पर किसी को इसकी भनक नहीं लगी।
तीन कर्मचारी गिरफ्तार, कई पहलुओं की जांच जारी
मामले में प्रारंभिक पूछताछ के बाद वेतन शाखा में पदस्थ आरक्षक हेमंत मेथ्यू, गिरीश रॉय और राजकुमार कतलम को गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। कोतवाली पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की हो रही जांच
जांच एजेंसियां अब बैंक खातों के लेन-देन, वेतन भुगतान सॉफ्टवेयर, डिजिटल लॉग, कंप्यूटर रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की तकनीकी जांच कर रही हैं। इसके लिए साइबर विशेषज्ञों और वित्तीय जांच अधिकारियों की भी मदद ली जा रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि अतिरिक्त राशि किन खातों में गई, उसे बाद में कहां ट्रांसफर किया गया और इस पूरे फर्जीवाड़े में कितने लोग शामिल थे।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या इस कथित घोटाले में वेतन शाखा के अन्य कर्मचारी, बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े लोग या बाहरी व्यक्तियों की भी कोई भूमिका है। साथ ही गबन की गई राशि का उपयोग किस उद्देश्य से किया गया, इसकी भी जांच की जा रही है।
एसपी बोले- जांच के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में वेतन भुगतान प्रक्रिया के दौरान निर्धारित राशि से अधिक धनराशि आहरित किए जाने के तथ्य सामने आए हैं। मामले में वेतन शाखा के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और यदि इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।