रात में सोते समय मुंह से लार निकलना (Drooling During Sleep) कई लोगों में देखा जाता है और ज्यादातर मामलों में यह सामान्य माना जाता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि नींद के दौरान चेहरे और मुंह की मांसपेशियां पूरी तरह रिलैक्स हो जाती हैं. यदि कोई व्यक्ति करवट लेकर या पेट के बल सोता है, तो लार मुंह से बाहर निकल सकती है क्योंकि उस समय उसे निगलने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है. हालांकि, अगर यह समस्या बार-बार होने लगे या पहले कभी न होती हो और अचानक शुरू हो जाए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार मुंह से लार आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. नाक बंद होना, सर्दी या एलर्जी के कारण मुंह से सांस लेना, स्लीप एपनिया (Sleep Apnea), निगलने में कठिनाई या नसों और मांसपेशियों से जुड़ी कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी इसकी वजह बन सकती हैं. ऐसे मामलों में लार का अधिक निकलना किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है.

अगर मुंह से लार आने के साथ तेज खर्राटे, नींद के दौरान सांस रुकना, हांफते हुए नींद खुलना, खाना निगलने में परेशानी, बोलने में बदलाव या शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. समय पर जांच से सही कारण का पता लगाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर उचित इलाज शुरू किया जा सकता है.

यदि कभी-कभार ही यह समस्या होती है, तो सोने की पोजीशन बदलने, नाक की एलर्जी या बंद होने का इलाज कराने और मुंह की साफ-सफाई का ध्यान रखने से राहत मिल सकती है. लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहे या आपकी नींद और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे, तो किसी विशेषज्ञ से जांच कराना सबसे बेहतर विकल्प है.